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योजनाएं | कोचिंग योजनाएँ | अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट

छात्रवृत्ति कोचिंग योजनाएँ

अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित उम्मीदवारों हेतु
निशुल्क कोचिंग व अन्य योजनाएँ
(दिनांक 17.07.2017) से प्रभावी

1. पृष्ठभूमि

1.1 योजना का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के आर्थिक रूप से विपन्न लोगों की निशुल्क कोचिंग योजना के माध्यम से उनके कौशल को उभारना व उन्हें सार्वजनिक क्षेत्र के अतिरिक्त उद्योगों सेवाओं व व्यापार वर्ग हेतु रोज़गारपरक बनाना है । इस योजना में बाज़ार की गतिकी के अनुसार निरंतर आधार पर अनुकूलता को बनाए रखने हेतु लचीलापन रखा गया है ताकि लक्षित समूहों में बदलती/उभरती बाज़ार आवश्यकता के मुताबिक व्यावसायिक दक्षता की कमी न रह जाए तथा घरेलू व साथ ही साथ अंतराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।

1.2 अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक समुदाय व पिछड़े के विद्यार्थियों को कोचिंग की सुविधा प्रदान करने के निमित्त 6ठी पंचवर्षीय योजना से ही विभिन्न योजनाएँ अलग से चलाई जा रही हैं । इन अलग योजनाओं को सितम्बर, 2001 से एकीकृत योजना में शामिल किया गया तथा उसे समाज के विपन्न वर्ग, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक समुदाय के लिए संयुक्त कोचिंग व अन्य सहायता योजना नाम दिया गया । अल्पसंख्यक मंत्रालय की स्थापना के पश्चात, एक नई योजना "अल्पसंख्यक समुदाय से संबन्धित निशुल्क कोचिंग व सहायता योजना" प्रारम्भ की गई । इस योजना का उद्देश्य आर्थिक सुधारों, उदारीकरण व वैश्वीकरण के दौर में रोजगार के बदलते हुए रूझानों के निमित्त उम्मीदवारों को तैयार करना है।

2. उद्देश्य

योजना का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों के विद्यार्थियों को निम्नलिखित क्षेत्रों में विशेष कोचिंग सहायता प्रदान करना है :-

(क) तकनीकी/व्यावसायिक पाठ्यक्रम यथा इंजीनियरिंग, विधि, चिकित्सा, प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी इत्यादि में प्रवेश हेतु योग्यता परीक्षा तथा विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश हेतु भाषा/योग्यता परीक्षा।

(ख) प्रतियोगिता परीक्षा समूह 'क' 'ख' 'ग' तथा 'घ' सेवाओं तथा केंद्र व राज्य सरकारों के अन्तर्गत पुलिस/सुरक्षा बल, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, रेलवे, बैंक, बीमा कंपनियों तथा स्वायत निकायों अथवा अन्य समकक्ष पदों हेतु।

(ग) निजी क्षेत्रों में रोज़गार यथा एयरलाइंस, शिपिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, बी पी ओ व अन्य सूचना प्रौद्योगिकी सम्बद्ध सेवाएं, आतिथ्य, टूर एंड ट्रेवेल्स, मैरिटाइम , खाद्य प्रसंस्करण, खुदरा, विक्रय व विपणन, जैव-प्रौद्योगिकी तथा अन्य जॉब ओरिएंटेड कोर्स रोजगार के उभरते रुझान के अनुसार।

(घ) स्नातक व परास्नातक स्तर के विद्यार्थियों हेतु रीमीडियल कोचिंग की व्यवस्था करना ताकि उनके शैक्षिक ज्ञान में वृद्धि हो सके तथा उन्हें कक्षा के अन्य विद्यार्थियों के साथ आगे बढ़ने योग्य बनाना जिससे वे अपना पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण कर सकें।

3- कार्यान्वयन संस्थाएं व पात्रता

(क) निम्नलिखित प्रकार की संस्थाएं इस योजना के अंतर्गत कोचिंग कार्यक्रम चलाने हेतु पात्र होंगी :-

(i) सरकारी क्षेत्र के सभी संस्थान जिनमें विश्वविद्यालय तथा वे स्वायत्त संस्थाएं भी शामिल है जो कोचिंग कार्यकर्म की गतिविधियों में लिप्त हैं ।

(ii) सरकारी क्षेत्र के सभी संस्थान जिनमें विश्वविद्यालय तथा वे स्वायत्त संस्थाएं भी शामिल है जो अल्पसंख्यक समुदाय से संबन्धित छात्रों को रीमीडियल कोचिंग उप्लब्ध करवाने की गतिविधियों में लिप्त हैं ।

(iii) निजी क्षेत्र के विश्वविद्यालय/महाविद्यालय जो कोचिंग गतिविधियों में लिप्त हैं जिसमें सम विश्वविद्यालय भी सम्मिलित हैं ।

(iv) निजी क्षेत्र के वे संस्थान जो निजी क्षेत्र में नौकरियों के निमित्त कोचिंग गतिविधियों/रोजगारोन्मुख कोचिंग/प्रशिक्षण में लिप्त हैं, अथवा न्यास, कंपनी, सहभागी फ़र्म, सबंधित विधि अंतर्गत पंजीकृत सोसायटी अथवा संबन्धित उद्योग, निकाय अथवा उद्योग, जो विशेषकर उनके द्वारा चिन्हित किए गए हों ।

कोचिंग संस्थाओं को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना चाहिए :-

(i) संस्थान के पास पर्याप्त संख्या में संकाय सदस्य (शिक्षक/अनुदेशक) होने चाहिए जो या तो उसके वेतन पत्रक पर हों अथवा अंशकालिक आधार पर हों

(ii) संस्थानों से प्राप्त प्रस्तावों की जांच की जाएगी मंत्रालय में उसकी प्रक्रिया की जाएगी तथा धनराशि प्रदान करने हेतु संस्थान के चयन के लिए प्रस्ताव निम्नलिखित सदस्यों वाली एक समिति के सम्मुख रखे जाएंगे :-

     
 

सचिव (अल्पसंख्यक मामले)           

अध्यक्ष

 

वित्त सलाहकार (अल्पसंख्यक मामले)

सदस्य

 

संयुक्त सचिव (अल्पसंख्यक मामले)

सदस्य

 

मानव संसाधन विकास मंत्रालय का प्रतिनिधि

सदस्य

 

श्रम मंत्रालय का प्रतिनिधि

सदस्य

 

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का प्रतिनिधि

सदस्य

 

निदेशक/उप सचिव, अल्पसंख्यक मामले  

संयोजक

(iii) समिति जब भी आवश्यक हो किसी अन्य पेशेवर को सदस्य (सदस्यों) के रूप में, एक वित्तीय वर्ष से अधिक के लिए नहीं, ले सकती है।

4. प्रक्रिया का विवरण :-

i) अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय योजना का विवरण विज्ञापित कर प्रत्येक वर्ष के 30 अप्रैल तक कोचिंग/प्रशिक्षण संस्थानों से प्रस्ताव आमंत्रित करेगा ।

ii) सरकारी क्षेत्र के संस्थान अपना प्रस्ताव निर्धारित प्रारूप पर सीधे अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय को भेज सकते हैं जबकि निजी क्षेत्र के संस्थानों (गैर सरकारी संस्थाओं (एन जी ओ) सहित) को अपने प्रस्ताव संबन्धित राज्य/संघीय राज्य प्रशासन के माध्यम से भेजना चाहिए ।

iii) राज्य सरकारें/संघीय राज्य कोचिंग सस्थान का आवश्यक निरीक्षण करके उसकी पात्रता व परियोजना प्रस्ताव की संभाव्यता ज्ञात करेंगे तथा अपने विशिष्ट अनुमोदन के साथ उसे अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय को प्रेषित करेंगे।

       
 

व्यावसायिक पाठ्यक्रम   

अधिकतम 20000/- की सीमा तक

अभ्यर्थी रुपए 750/-  स्थानीय अभ्यथियों हेतु

 

निजी क्षेत्र में रोजगार हेतु कोचिंग

जैसा संस्थान द्वारा निश्चित किया गया हो, रुपए 20,000/- की अधिकतम सीमा तक

तदैव

 

रेमीडियल कोचिंग/ट्यूशन

जैसा संस्थानों द्वारा अतिरिक्त ट्यूशन हेतु प्रभारित किया जाता है

लागू नहीं

 

पुलिस/सुरक्षा बलों में कांस्टेबल की भर्ती अथवा रेलवे  में नौकरी हेतु कोचिंग  (पाँच दिन से अधिक नहीं)

सामान्य दरों पर, जैसा कि संस्थान द्वारा प्रस्तावित तथा समिति द्वारा निर्धारित किया गया हो

रुपए 100/- बाहरी अभ्यर्थियों हेतु, स्थानीय अभ्यर्थियों हेतु रुपए 50/-

(iii) मंत्रालय द्वारा अवमुक्त अनुदान को संस्थान द्वारा इस आशय हेतु खोले गए खाते में सीधे जमा किया जाएगा।

(iv) मंत्रालय स्तर पर लिए गए उपयुक्त निर्णयों व सामान्य वित्तीय नियमों के अन्तर्गत निर्धारित सिद्धांतों के अनुसार ही अनुदान राशि अवमुक्त की जाएगी।

(v) संस्थानों हेतु प्रथम अंशिका के रूप में कुल स्वीकृत धनराशि का 70% तथा द्वितीय अंशिका के रूप में शेष 30% अवमुक्त किया जाएगा।

(vi) अगले वर्षों हेतु अनुदान निर्गत किए जाने से पूर्व केंद्र सरकार/राज्य सरकार अथवा मंत्रालय द्वारा नामित किसी अन्य संस्था द्वारा कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया जाएगा।

(vii) अगले वर्षों हेतु प्रस्ताव की स्वीकृति कोचिंग संस्थानों द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं में व निजी क्षेत्र में नौकरियों के सफलता की दर पर निर्भर करेगी ।

(viii) इस योजना के अन्तर्गत आच्छादित छात्रों को सभी कक्षाओं शामिल हों होगा । किसी छात्र के, बिना किसी वैध कारण अथवा बीच में ही कोचिंग छोड़ देने के कारण, 15 दिनों से अधिक अनुपस्थित होने की दशा में संबन्धित छात्र पर किए गए पूरे व्यय की वसूली संस्थान से की जाएगी ।

5- अभ्यर्थियों/छात्रों हेतु पात्रता मानदंड

i) अभ्यर्थियों द्वारा इच्छित पाठ्यक्रमों/भर्ती परीक्षाओं में प्रवेश हेतु अर्ह परीक्षाओं में निर्धारित अंक अवश्य प्राप्त किए जाने चाहिए

ii) इस योजना के अंतर्गत अल्पसंख्यक समुदाय के वे छात्र ही पात्र होंगे जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय सभी स्रोतों से मिला कर रुपए 2.5 लाख से अधिक न हो ।

iii) इस योजना के अन्तर्गत छात्र विशेष द्वारा कोचिंग का लाभ मात्र एक ही बार लिया जा सकता है, भले ही वह किसी प्रतियोगी परीक्षा में कई बार सम्मिलित होने का अधिकारी क्यों न हो । कोचिंग संस्थान को छात्र से इस आशय का शपथपत्र लेना आवश्यक होगा कि उन्होने इस योजना के अन्तर्गत लाभ नहीं प्राप्त किया है ।

iv) परीक्षा दो चरणों में, प्रारम्भिक तथा मुख्य, आयोजित होने की दशा में अभ्यर्थी को प्रारम्भिक व मुख्य परीक्षा हेतु कोचिंग लेने की अनुमति होगी परंतु मुख्य परीक्षा की कोचिंग केवल उन्हीं अभ्यर्थियों हेतु अनुमन्य होगी जो वर्ष विशेष/संबन्धित परीक्षा का प्रारम्भिक चरण उत्तीर्ण कर चुके हैं ।

ब) संस्थान के पास कोचिंग कक्षाएँ/प्रशिक्षण केंद्र संचालित करने हेतु आवश्यक संरचना यथा परिसर, पुस्तकालय, वांछित उपकरण इत्यादि होने चाहिए । यह शर्त पुलिस/सुरक्षा बलों अथवा रेलवे हेतु फील्ड भर्ती के लिए लागू नहीं होगी ।

स) संस्थान के पास कोचिंग प्रदान करने का न्यूनतम तीन वर्ष का अनुभव होना चाहिए बशर्ते वे कोर्स तीन वर्ष से कम की समयावधि के हों तथा उनकी सफलता की दर पर्याप्त मात्रा में अधिक हो ।

द) कोचिंग संस्थानों की न्यूनतम सफलता दर 15% होना चाहिए । तीन वर्ष का चलायमान औसत इस हेतु विचारणीय होगा । जिन कोचिंग संस्थानों की प्रगति दर बेहतर होगी उन्हें वरीयता दी जाएगी ।

च) जिन कोचिंग संस्थानों में प्रवेश परीक्षाओं हेतु कोचिंग प्रदान की जा रही है तथा जिनके छात्र प्रतिष्ठित कॉलेजों/संस्थानों में प्रवेश पाने योग्य रहे हैं उन्हें इस योजना के अन्तर्गत वरीयता दी जाएगी ।

छ) उद्योग विशिष्ट/रोजगारोन्मुख कोचिंग, जो कि निजी क्षेत्र की नौकरियों हेतु हो, को प्रोत्साहित किया जाएगा ।

6. वित्त पोषण

(i) चयनित कोचिंग/प्रशिक्षण संस्थानों तथा वे संस्थान जो रेमीडियल ट्यूशन प्रदान कर रहे हैं, को 100 % वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।

(ii) छात्रों के अनुरक्षण हेतु वृत्तिका मंत्रालय द्वारा दी जाएगी । वित्तीय सहायता की दरें निम्नानुसार हैं :-

क्रम संख्या कोचिंग/रेमीडियल कोचिंग का प्रकार कोचिंग/रेमीडियल कोचिंग शुल्क वृत्तिका की धनराशि
  समूह ‘अ’ सेवाएँ जैसा संस्थान द्वारा निर्धारित किया गया हो, अधिकतम रूपए 20000/- तक रूपए 1500/- बाहरी छात्रों हेतु, रूपए 750/- स्थानीय छात्रों हेतु
  समूह ‘ख’ सेवाएँ जैसा संस्थान द्वारा निर्धारित किया गया हो, अधिकतम रूपए 15,000/- तक तदैव
  समूह ‘ग’ सेवाएँ जैसा संस्थान द्वारा निर्धारित किया गया हो, अधिकतम रूपए 10000/- तक तदैव
  तकनीकी पाठ्यक्रमों हेतु प्रवेश परीक्षा  जैसा संस्थान द्वारा निर्धारित किया गया हो बाहरी छात्रों हेतु रूपए 1500/-

संस्थान इस हेतु पूर्ण रूपेण उत्तरदायी होगा कि केवल मेधावी छात्रों को ही कोचिंग हेतु प्रवेश दिया गया है ।

संस्थान अपना बैंक खाता विवरण और पूर्ण पता उपलब्ध करवाएगा ताकि स्वीकृत कोचिंग शुल्क सीधे संस्थान के खाते में जमा करवाया जा सके।

कोचिंग कार्यक्रम की समाप्ति के तुरंत पश्चात संस्थान उपभोग प्रमाणपत्र तथा किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से संपरीक्षित लेखा विवरण अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय को निम्न लिखित प्रपत्रों के साथ भेजेगा :-

(a) संबन्धित वर्ष का आय तथा व्यय लेखा/तुलन पंजिका जिसमें उस वर्ष के दौरान की प्राप्तियों तथा भुगतान का भी विवरण शामिल हो।

(b) इस आशय का प्रमाणपत्र कि संस्थान ने उपरोक्त उद्देश्य हेतु किसी अन्य मंत्रालय/भारत सरकार के विभाग, राज्य/संघीय राज्य सरकार तथा अन्य सरकारी/गैर-सरकारी संस्था से अनुदान नहीं प्राप्त किया है । .

xi) चयनित संस्थान को स्वीकृत कार्यक्रम के सुगम संचालन हेतु अपने संसाधनों के प्रयोग हेतु तैयार रहना चाहिए । वे यह सुनिश्चित करने हेतु बाध्य होंगे कि धनराशि के निर्गमन में विलंब के कारण, यदि कोई हो, न तो कोचिंग/प्रशिक्षण कार्यक्रम बाधित हुआ है और न ही संबन्धित छात्रों की वृत्तिका का भुगतान रुका है।

7. कोचिंग संस्थानों द्वारा पालन किए जाने वाले नियम व शर्तें

i) संस्थान के पास कोचिंग कार्यक्रम हेतु भर्ती छात्रों का नाम, पता तथा दूरभाष संख्या इत्यादि का विवरण होगा व इस आशय की सूचना मंत्रालय को भेजी जाएगी।

ii) संस्थान अपने यहाँ भर्ती हर छात्र का विवरण जिसमें आयु, लिंग, शैक्षिक योग्यता तथा बैंक खाता संख्या हो, रखेगा ।

iii) वृत्तिका हेतु स्वीकार्य धनराशि मासिक आधार पर अभ्यर्थी के बैंक खाते में डाली जाएगी।

iv)संस्थान द्वारा मंत्रालय की ओर से निर्गत धनराशि हेतु अलग से एक बैंक अकाउंट खोला जाएगा तथा इसका विवरण मंत्रालय द्वारा जब भी निरीक्षण हेतु अपेक्षित हो, उपलब्ध करवाया जाएगा ।

v) संस्थान केवल निर्दिष्ट उद्देश्य हेतु ही धनराशि का उपयोग करेगा । अनुदेयी संस्थान इस आशय का शपथ पत्र मंत्रालय को देगा कि इस शर्त के उल्लंघन की दशा में वह प्राप्त धराशि को 18% अर्थ दंड के साथ वापस करेगा तथा किसी अन्य कार्यवाही, जैसा सरकार द्वारा अनिवार्य समझी जाए, हेतु उत्तरदायी होगा।

vi)कोचिंग संस्थान छात्रों से इस आशय का शपथ पत्र लेगा कि उन्होंने इस योजना के अंतर्गत पहले कभी लाभ नहीं प्राप्त किया है अथवा सरकार द्वारा वित्तपोषित ऐसी ही किसी अन्य योजना से लाभान्वित नहीं हुए हैं ।

vii) संस्थान योजना के वास्तविक कार्यान्वयन हेतु उत्तरदायी सक्षम अधिकारी के नाम अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्गत नियम व शर्तों के अनुसार एक प्रमाणपत्र देगा व दो प्रतिभूतियों के साथ एक अनुबंधपत्र (बॉन्ड) देगा तथा स्वीकृत अनुदान का लेखा विवरण प्रदान करने हेतु भी उत्तरदायी होगा ।

8. निगरानी

अनुदेयी संस्थानों द्वारा की गई प्रगति की निगरानी इस प्रकार की जाएगी :-

i)संस्थान कोचिंग कक्षाओं की आवधिक प्रगति रिपोर्ट, जैसा कि स्वीकृति आदेश में निर्धारित किया गया है, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय अथवा राज्य सरकार/संघीय राज्य प्रशासन को भेजेगा ।

ii) संस्थान उसके द्वारा कोचिंग दिये गए छात्रों द्वारा सरकारी क्षेत्रों में रोजगार प्राप्ति की सूचना प्रदान करेगा।

iii) अल्पसंख्यकों के भौगोलिक बँटवारे के आधार पर धनराशि के युक्तियुक्त भौगोलिक बँटवारे हेतु प्रयास किए जाएंगे । कोचिंग प्राप्त छात्रों का पता संबन्धित बेंचमार्क होगा ।